SIWAN DESK - सिवान जिला के बड़हरिया थाना क्षेत्र की हरदोबारा पंचायत के सरपंच सह यू-ट्यूबर विनोद कुशवाहा का शव आज उसके घर पहुंचते ही घर परिवार में कोहरा मच गया. बता दें कि उत्तर प्रदेश के गाजीपुर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव उसके पैतृक गांव बभनबारा लाया गया. शव पहुंचते ही परिजनों के विलाप से पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, राजनीतिक नेता, समाजसेवी और ग्रामीण भी मृतक के आवास पर पहुंच गये. आज सुबह बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार, अपर थानाध्यक्ष कुंदन कुमार तिवारी समेत पुलिस बल मृतक के घर पर मौजूद रहे और परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए राजी कराने का प्रयास किया गया, लेकिन परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. इससे गांव में स्थिति गतिरोधपूर्ण बनी रही.
एसपी से एसआइटी गठित करने की मांग
परिजनों और ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वयं घटनास्थल पर पहुंचें और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन करें. परिजनों का कहना है कि एसपी की ओर से निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिलने के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा. वहीं, आश्वासन नहीं मिलने पर शव को थाना चौक पर रखकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गयी है.परिजनों ने हत्या कर शव लटकाने का लगाया आरोप परिजनों का आरोप है कि किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन के माध्यम से विनोद कुशवाहा को गाजीपुर बुलाया था, जहां उनकी हत्या कर दी गयी. परिजनों का यह भी आरोप है कि हत्या को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से शव को गाजीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र स्थित राजवाड़ी-औड़िहार रेलवे ट्रैक के समीप एक पेड़ से लटका दिया गया.हालांकि, परिजनों द्वारा लगाये गये हत्या संबंधी आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. परिजनों के अनुसार, मंगलवार शाम पुलिस ने उन्हें विनोद कुशवाहा की मौत की सूचना दी थी. जिसके बाद बुधवार को परिजन गाजीपुर पहुंचे. पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार तड़के शव को पैतृक गांव बभनबारा लाया गया. हालांकि समाचार लिखे जाने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका था.


