SIWAN DESK - सिवान में जातीय उन्माद और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश के मामले में पुलिस ने अब कार्रवाई तेज कर दी है. सीवान साइबर थाना पुलिस ने एक ही केस में दो पूर्व विधायक समेत तीन लोगों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है. पुलिस ने तीनों को नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर साइबर थाने में उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
दरअसल, सिवान साइबर थाना में 23 अगस्त 2026 को केस नंबर 56/26 दर्ज किया गया है। पुलिस नोटिस के मुताबिक मामले की जांच के दौरान ऐसे प्रयास सामने आए हैं, जिनसे लोक व्यवस्था प्रभावित करने और समाज में जातीय उन्माद फैलने की आशंका जताई गई है. इसी जांच के सिलसिले में पुलिस ने तीन लोगों को BNSS की धारा 94 के तहत Appearance for Enquiry यानि पूछताछ के लिए उपस्थित होने का नोटिस जारी किया है. पहला नोटिस अमरजीत राम उर्फ दीपक स्मरत, पिता दरोगा राम, निवासी दुबहा, थाना दरौली को दिया गया है. दूसरा नोटिस पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा, पिता मुनेश्वर कुशवाहा, निवासी खलवा, थाना नौतन को जारी किया गया है. वहीं तीसरा नोटिस पूर्व विधायक सत्यदेव राम, पिता राजवंशी राम, निवासी किशुनपाली, थाना दरौली को दिया गया है. तीनों नोटिस में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान इनसे मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों को जानने के लिए पूछताछ आवश्यक है. इसलिए नोटिस प्राप्त होने के 24 घंटे के भीतर पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है. नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर संबंधित व्यक्ति नोटिस की शर्तों का पालन नहीं करता है या पूछताछ में शामिल नहीं होता है, तो BNSS की धारा 35(6) के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है. फिलहाल साइबर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है. पुलिस की कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पूछताछ में इन तीनों से क्या जानकारी सामने आती है और जांच आगे किस दिशा में बढ़ती है.


