CHHAPRA DESK- सारण जिले में तीन दिनों तक तेज आंधी-पानी के कारण अमनौर में बिजली व्यवस्था के साथ-साथ स्वास्थ्य व्यवस्था की भी पोल खोल कर रख दी है. अमनौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में पिछले तीन महीनों से जनरेटर बंद पड़ा है और तीन दिनों से बिजली गुल रहने से इनवर्टर भी डिस्चार्ज हो गया है. आलम यह है कि डॉक्टरों को दिन में मोबाइल की रोशनी में मरीज देखना पड़ रहा है. ऐसे में सोचिए रात का आलम क्या होगा? बताया जाता है कि अस्पताल में जनरेटर किराए पर चलता है, लेकिन जनरेटर मालिक का कहना है कि विभाग द्वारा निर्धारित राशि काफी कम है, जिससे उसे घाटा हो रहा है. इसी कारण जून 2026 से ही जनरेटर सेवा ठप है. विभाग को इसकी जानकारी होने के बावजूद अब तक वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है. जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. अस्पताल में बिजली नहीं रहने से कोई भी कार्य नहीं हो रहा है. एक्स-रे मशीन पूरी तरह ठप्प पड़ा है. पिछले दो दिनों में लगभग आधा दर्जन प्रसव मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में कराए गए हैं. रात में अस्पताल भूत बंगले जैसा नजर आता है, जहां मरीज डर के साए में रहने को मजबूर हैं.झखरी पंचायत निवासी आकाश यादव ने बताया कि बीती रात उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, लेकिन पूरी रात मोबाइल की रोशनी में ही गुजारनी पड़ी. प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिलाओं को अंधेरे में भारी परेशानी हो रही है. इस संबंध में स्थानीय निवासी शैलेन्द्र सिंह कुशवाहा ने स्वास्थ्य विभाग और विद्युत विभाग से मांग की है कि अविलंब PHC में जनरेटर की सुविधा उपलब्ध कराई जाए और बिजली आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि मरीजों को नारकीय स्थिति से छुटकारा मिल सके. वहीं इस मामले पर PHC प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ शेषांक शुभम ने बताया कि जून 2026 से जनरेटर बंद पड़ा है. इस संबंध में कई बार लिखित रूप में सिविल सर्जन को अवगत कराया गया है. बिजली नहीं रहने से अस्पताल का सारा कार्य ठप्प पड़ा है.
स्वास्थ्य विभाग की खुली पोल : स्वास्थ्य केंद्र में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हो रहा प्रसव, एक्स-रे मशीन भी ठप्प


